मंगल ग्रह के उपाय | होगा जीवन में मंगल ही मंगल

मंगल  ग्रह के  उपाय क्या  हैं या कमजोर मंगल के  उपाय कौनसे हैं और मंगल ग्रह को  शांत करने  के  लिए  क्या  करें? यह सवाल  मन  मे  उठने लाजमी हैं क्योंकि मंगल ग्रह अगर कुंडली मे कमजोर है तो जीवन में एक जोश की कमी हो जाती है। मंगल ग्रह के उपाय जानने से पहले आइये देखते हैं कि आखिर मंगल हमारे जीवन मे करता क्या है?

एक  बलवान  मंगल  इंसान  को  खुद  के लिए खड़े होने और खुद पर भरोसा करने की  हिम्मत  और  शक्ति  देता है। बलवान मंगल इंसान को जीवन में आने वाली हर  कठिनाइयों  और  बाधाओं  पर काबू पाने और  अपने  इरादों तक  पहुंचने  के  लिए वांछित ताकत और दृढ़ संकल्प देता है।

मंगल ग्रह साहस, वीरता, शारीरिक शक्ति, क्रोध, आक्रामकता, अहंकार,  व्यभिचार, प्रशासनिक क्षमता, खिलाड़ी,नेतृत्व,सेना की कमान, चोट और  युद्ध को दर्शाता है। मंगल  ग्रह  शरीर में मांसलता और अस्थि मज्जा पर शासन करता है। मंगल,भाइयों या भाई-बहनों का भी प्रतिनिधित्व करता है। मंगल  दक्षिण  दिशा  का प्रतिनिधित्व करता है। गर्मी,जलन और आग भी मंगल के नियंत्रण में हैं।

ज्योतिषीय  रूप से देखें तो मंगल ग्रह का कद मध्यम है, रंग  गोरा है, वह  युवा रूप है, उनकी आँखे लाल , पतली कमर, छोटे लेकिन  घुंघराले बाल तथा  चंचल लेकिन उदार vस्वभाव है। मंगल  उत्तेजित  होकर कभी  भी  चोट  पहुँचाने  के  लिए  तैयार होता   है, यह  एक  शूरवीर  लेकिन  क्रूर प्रकृति का होता है,और जोखिम भरे कार्य करने के लिए तत्त्पर रहता है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल एक शक्तिशाली पुरुष है। यह शारीरिक चोट और ऑपरेशन को भी दर्शाता है। यह तकनीकी शिक्षा प्रदान करता है।वैवाहिक जीवन में अरुचि पैदा करने में मंगल ग्रह की भूमिका कोसभी जानते हैं।

अगर मंगल ग्रह जन्मकुंडली में क्रूर ग्रहों से साथ हो या अपनी नीच राशि कर्क में स्थित हो तो वह कमजोर कहा जाता है। मंगल जन्मकुंडली के पहले, दूसरे, चौथे, पांचवे,  सातवें,  आठवें,  नौंवे या बारहवें भाव मे कर्क राशि मैं या क्रूर ग्रहों के साथ हो तो विशेष रूप से कमजोर हो जाता है और अपने फल सही से नही दे पाता है। ऐसा मंगल तलाक कराता है,घर मे क्लेश, बड़े भाई से अनबन, संतान हानि, व्यापार घाटा, कर्ज और नौकरी तक छुड़ा देता है। मंगल  का  प्रभाव  किसी भी  जातक  पर 28 से 32 वर्ष की उम्र तक ही विशेष रूप से  पाया जाता है,  किंतु खराब मंगल इस आयु तक  ही जातक को अत्यधिक हानि करा देता है।

हालांकि मंगल एक पापी ग्रह माना जाता है। जहां यह एक ओर हानि करता है,वहीं दूसरी  ओर   यह  राजयोग  भी  देता  है उदाहरण  के लिए यदि मंगल चौथे घर में हो तो व्यक्ति  को  घर के सुख, माता और पत्नी  के  सुख से वंचित कर देगा, किंतु साथ ही व्यक्ति को उच्च स्तर का सरकारी कर्मचारी,  समृद्ध और  अपने पिता की छत्रछाया में रहने  वाला  बना  देगा। इन बातों  का सही  सही  निर्णय जन्मकुंडली की विवेचना से ही संभव हो पाता है।

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मंगल ग्रह के उपाय | मंगल ग्रह को शांत करने के लिए क्या करें?

जन्मकुंडली में खराब मंगल को सही करने के उपाय इस प्रकार हैं:

1.तर्जनी उंगली में मंगलवार के दिन सोने, चांदी या तांबे की अंगूठी में मंगल के मन्त्र “ओम क्रां क्रीम् क्रौं सः भौमाय नमः” द्वारा जागृत करके शुद्ध लाल मूंगा पहनें।

2. मंगलवार को लाल रंग के वस्त्र पहनें।

3. तांबे के बर्तन का प्रयोग अधिक करें।

4. लाल रंग के फूल चढाएं।

5. किसी  जरूरी  कार्य  के लिए निकलते वक़्त गुड़ या शहद खाएं।

6. अपनी  जेब  में  तांबे का एक छोटा सा टुकड़ा रखें।

7. भगवान  की मूर्ति के माथे पर प्रतिदिन केसर का तिलक लगाएं।

8. अपने  बिस्तर व घर के चारों कोनों पर चार तांबे के टुकड़े लगाएं।

9. आठ या बारह मुखी रुद्राक्ष धारण करें।

कमजोर मंगल ग्रह के उपाय:

1. मंगल  से संबंधित वस्तुओँ का दान दें। लाल मसूर की दाल, गुड़ आदि।

2. मंगल  के  मंत्र का 108 बार जाप करें।

3. गले में मंगल ताबीज पहनें।

4. मंगलवार का व्रत रखें।

5. यदि मंगल धनु या  सिंह राशि में है तो भगवान  कार्तिकेय  की  पूजा  करें।  यदि मंगल तीसरे, छठे या बारहवें भाव में है तो देवी चामुंडा की पूजा करें।

6.  हनुमान चालीसा , बजरंग बाण और सुंदर कांड का पाठ  करें। लक्ष्मी  स्तोत्र, और गणपति  स्तोत्र का पाठ करें। अगर ऋण से  छुटकारा पाना है तो सुंदर  कांड का पाठ करें।

7. 21-21 संकष्टी व्रत और विनायक व्रत रखें।

8. भाइयों को दुखी न करें। खाने में तुलसी पत्र  और  कालीमिर्च का उपयोग करने से मंगल से होने वाले अनिष्ट शांत होते हैं।

9.मंगलवार को लाल मसूर की दाल, तुलसी पत्ता, काली मिर्च और  गुड़  का दान दें।

10. अपंग (दिव्यांग) व्यक्तियों को भोजन कराएं।

11. लाल रंग के जूते न पहनें।

12. बहती नदी में लाल रंग के फूल चढ़ाएं

13. मंगलवार  को  केसर  का  तिलक  न लगाएं।

14. मंदिर  में  हनुमान  जी  पर  सत्ताईस मंगलवार तक सिंदूर चढ़ाएं।

15. लाल रंग के फर्श पर नंगे पैर न चलें।

16.मंगलवार  के  दिन  गेहूं  के सात दाने, मसूर की दाल के सात दाने और सिंदूर के साथ   लाल  पत्थर  को  लाल  कपड़े  में बांधकर बहते पानी में फेंक दें।

17. मंगलवार  को  लाल  रंग  की  चीज़ें अपने निकट और प्रिय लोगों को न दें।

18. मंगलवार को मंगल संबंधित दवा का दान करें।

19. किसी भी मंगलवार को एक तिकोना नारंगी रंग का ध्वज लें और इस पर  लाल रंग  से  राम  लिखें  और  हनुमान  जी  के मंदिर में चढ़ाएं। मंगलवार के दिन हनुमान जी को लाल रंग का चौला चढ़ाएं।

20. लाल रंग की  मिठाई और तंदूरी रोटी बांटे।

21. मंगल  आपकी कुंडली में जिस राशि मे  बैठे हैं, उस राशि के स्वामी ग्रह से जुड़े सप्ताह   के  दिन  का  पता  लगाएं।  उस विशेष  दिन  पर मंगल की होरा के दौरान  “ओम् नमो भगवते रुद्राय” मंत्र  का  जाप करें।

उदाहरण के लिए यदि मंगल  मेष राशि में है तो स्वामी मंगल है और  दिन  मंगलवार हुआ  और  यदि  मंगल  कुंडली में  मिथुन राशि में बैठें है तो मिथुन का स्वामी बुध है और दिन बुधवार हुआ।

उपरोक्त मंगल ग्रह के उपाय सभी या उनमे  से  कुछ  कर लेने से कमजोर मंगल बलवान   होता  है   और  सभी   तरह  के संकट,  ग्रह क्लेश,  कर्ज  आदि  से  मुक्ति दिलाता है।

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